~भुल ना पाये~


   भूल ना पाए ओ दिन…….

         जब तुम और में….||||सड़क कि किनारे…

        बैठे बैठे…फुटपाथ के छाई पिते थे….

     भूल ना पाए ओ दिन…….

 

जब तुम और में….

 

लोंग ड्राइभ पे जाते हुए    ~कहीं खो जाते थे~

भूल ना पाए ओ दिन…..

अब भी मुझे याद हे….तुम कॉलेज की छुट्टी से आए थे …..और 

में तुम्हें (ओ)…..”शिलशिला” पिक्चर…

ओ भी चुपके चुपके…..chori chori

लहराती हुई ज़ुल्फ़ें…..तुम्हारी बलों की ओ धीमी  धीमी ख़ुशबू …

मुझे अब भी सब याद हे….

 

 

❤️ 

तुम्हारी ओ आख़िर चिट्ठी…………।।।।।।।

 शायद में क़भी भूल ना पाऊँगी…..

क्यूँ हुआ……आख़िर क्यूँ हुआ ये…..

ओ बीती हुई लम्हे…..

फिर तुम्हें मेरे पास खिंच लाती हे…

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